Friday, November 7, 2008

शेर ---- घबराना मत माता तेरा दिल न तोड़ेगें,
अगर दुश्मन कोई आए किसी काबिल न छोंड़ेगें ।
हर दिल की ये आवाज हैं मंजिल न छोंड़ेगें
किसी मुश्किल मे पड़कर भी कभी करगिल न छोड़ेगें ॥
गीत
हम भारत माँ के सेवक है मर मिट जाएँगें वतन के लिए ।
सर बाँध कफ़न हम निकले हैं फौलाद हैं हम दुश्मन के लिए ॥
(१) प्राणों की बाजी लगा करके शहीदों ने लहु से सींचा हैं ।
पाण्डे,विस्मिल, आजाद, भगत, बापू का यही बगीचा हैं ॥
हम अपनी जान गँवा देंगें भारत रूपी उपवन के लिए ॥
हम भारत माँ ------------------------------------॥
(२) गद्दारों इतना ध्यान रहें आपस में भले अनेक हैं हम ।
तुम देश में हो या बाहर हों बस तेरे लिए तो एक हैं हम ॥
"अनमोल" ये जीवन अर्पण है भारत माता के चरण के लिए ॥
हम भारत माँ ------------------------------------------।
(श्री बलिराम द्विवेदी "अनमोल")
(मेरे परम पूज्य पिताश्री)

स्वरचित – संस्कृत – गानम्

भो ! भगवन् भो ! भगवन् भो ! भगवन् भो ! भगवन् ॥
तव चरणयो: वयं पूजां कुर्म: यत् फलं देहि मे ।
वयं विद्यार्थीन: स्म: कुर्वन्त: गुणगान ।
तव सृष्टया हेतु ते भवतु सदा कल्याण ॥
भो ! भगवन् भो ! भगवन् भो ! भगवन् भो ! भगवन् ॥

स्वरचित संस्कृत - गान

वयं कुर्म: तव सेवां, प्राप्तं करिष्याम: मेवां ।जय श्रीराम जय जय श्रीराम ।२
भो ! भगवन् दयां करोतु मयि त्वयि बहुनि गुणानि सन्ति तेन ।
रावणकुम्भकर्णहननमेतौ ताड़काबालिवधाप्यकरोत् येन् ॥
धन्यौ स्त: पितरौ भवत: , हे प्राणेश्वर ! भव हनुमन्त: ।
ये स्वकल्याणमिच्छन्ति तव शरणैव समागच्छन्ति ॥
जपन् मरा-मरा चौर: वालमीक्यभवत् ।
य: चौर: कति निर्दोषप्राणिन: अहनत् ।
ममता-लता-पुष्पं नीत्वा भवति वन्दना प्रवीणेन । जय श्रीराम जय जय श्रीराम ॥